रंग बदलने में गिरगिट से भी तेज, शातिर ऐसा की लोमड़ी भी शरमा जाए, जानिए रोजगार सेवक शैलेश उर्फ़ "लड्डू" की कहानी

 महराजगंज। इन दिनों UP Samachar Plus लागातार भ्रष्ट कर्मचारी , भ्रष्ट प्रधानों की पोल खोल रहा है. आइये एक और भ्रष्ट रोजगार सेवक की कहानी बताते है जिसे ब्लॉक के कर्मचारी प्यार से "लड्डू" बुलाते है.

मिठौरा ब्लॉक के ग्रामसभा मुजहना बुजुर्ग निवासी शैलेश कुमार जिसने अपने मानदेय वेतन के अलावा भ्रष्टाचार से अकूत संपत्ति अर्जित की. ब्लॉक के सचिव, एडीओ, बीडीओ, बाबुओं समेत जनप्रतिनिधियों की "चरण वंदना" कर शैलेश कुमार सबका बेहद क़रीबी बना रहता है और सबके भरोसे का गलत लाभ उठाकर जमकर भ्रष्टाचार करता है.

ब्लॉक के सूत्र बताते है कि उक्त रोजगार सेवक का नाम शैलेश कुमार है लेकिन ब्लॉक समेत रोस्टर वाले गांव के समस्त ग्रामप्रधान इसे "लड्डू" कहकर बुलाते है. ब्लॉक के अधिकारियों की "चरण वंदना" करते करते ब्लॉक के सभी रोजगार सेवकों की अपेक्षा शैलेश कुमार उर्फ लड्डू के रोस्टर में अत्यधिक गाँव होते है, अधिकारियों का "शैलेश उर्फ लड्डू" से प्रेम ऐसा की अपना मनचाहा गाँव अपने रोस्टर में चुनने का खुला विकल्प तक दे देते है.

ब्लॉक के ही सूत्र ने आगे बताया कि जब - जब शैलेश उर्फ"लड्डू" का भ्रष्टाचार उजागर हुआ है तो शैलेश उर्फ "लड्डू" "गिरगिट से भी तेज रंग बदलते" हुए बिना किंतु परंतु किये तत्काल उक्त शिकायतकर्ता, उक्त जाँच कर्ता का "चरण चुम्बन" और "चरण वंदना" में जुट जाता है, और तब तक "चरण चुम्बन" और "चरण वंदना" नही छोड़ता जब तक शिकायकर्ता, जांच कर्ता का दिल ना पिघल जाए. 

UP Samachar Plus को सूत्रों से यह तक मालूम चला है कि "लड्डू" ऐसे शख्सियत का नाम है जिसने "ऐसा कोई सगा नही जिसको "लड्डू" ने ठगा नही" इस कहावत को सत्य कर दिखाया है.

उक्त रोजगार सेवक शैलेश कुमार उर्फ लड्डू पट तमाम भ्रष्टाचार के आरोप लगे है जिनको अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है लेकिन कार्यवाई तक नही किया. 

शैलेश कुमार उर्फ लड्डू बीते कुछ साल पहले गाँव मे स्वयं को पशु - पालक बताते हुए तत्कालीन अधिकारियों को गुमराह कर पशु शेड का लाभ तक ले चुका है और उक्त पशु शेड में भ्रष्टाचार से कमाई गई चारपहिया वाहन खड़ी होती है. 

वही जब उक्त मामले में जाँच टीम धरातल पर जाँच करने की कोशिश कि तो "लोमड़ी से भी शातिर" रोजगार सेवक शैलेश ने किसी और का पशु लाकर अपने पशु शेड में बांध दिया और अधिकारियों को गुमराह कर बेरंग लौटा दिया.

वही मनरेगा मजदूरी में भ्रष्टाचार करने में मास्टर - माइंड शैलेश कुमार उर्फ लड्डू के द्वारा अब तक किये गए सभी जीयो टैगिंग में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है. यदि उन सभी जियो टैग की जाँच हो तो भ्रष्टाचार से जुड़े इस लड्डू से लाखों रुपये की रिकवरी हो सकती और लड्डू का बाकी समय जेल की सलाखों में कट सकता है. 

लंबे समय से भ्रष्टाचार का मास्टर माइंड शैलेश कुमार उर्फ लड्डू के तमाम भ्रष्टाचार की कलई अब खुलने जा रही है.

अगली कड़ी में देखिये कैसे भ्रष्ट रोजगार सेवक शैलेश कुमार उर्फ लड्डू ने अपने ही ग्रामसभा में एक मृतक को मनरेगा मजदूर बनांकर उसके खाते में मनरेगा मजदूरी भेज दी है.


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